पति के अलावा अन्य पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध रखने वाली महिला के बारे में आपकी क्या राय है?

Real life love marriage girls stories

Storyline- Written By Unknown

मेरी पत्नी के मेरे पड़ोसी से शारीरिक संबंध थे ।

बात तब की है जब मैं बत्तीस साल का था और मेरी पत्नी सत्ताइस साल की थी हमारी शादी को लगभग सात साल हो चुके थे और हमारे दो बच्चे क्रमशः पांच और दो बर्ष के थे ।

मैं एक सरकारी विभाग में आफीसर था और सरकारी बंगले में रहता था हमारे पास गाड़ी नौकर सहित सभी सुख सुविधा थीं मैं कभी भी अपनी पत्नी पर कोई इच्छा नहीं थोपता था बस एक कमी थी कि मैं इंट्रोवर्ट था और मेरी पत्नी एक्स्ट्रोवर्ट । मेरा मानना था कि यदि एक शब्द से काम चल सकता है तो दो क्यों बोले जायें । मेरी पत्नी का सिद्धांत था कि अगर एक हजार शब्द बोले जा सकते हैं तो 999 शब्द क्यों बोले जायें ।

हमारे पड़ोस में मेरा एक सहकर्मी लगभग एक साल पहले रहने आया वो करीब पच्चीस साल का युवा था और मैं उसे छोटे भाई जैसा ट्रीट करता था । उसे हम प्रमोद का नाम दे देते हैं ।मैं आफिस से लेट आता था तो वो अक्सर शाम को मेरे घर आकर मेरी पत्नी से गपशप करता था पर मुझे कभी कोई शक नहीं हुआ ।

धीरे-धीरे मैंने देखा कि मेरी पत्नी हमेशा उसी के बारे में बात करती है अगर वो मेरे पिताजी के घर या अपने मायके जाती थी तो वहां सबसे उसी के बारे में बात करती थी जबकि वो लोग प्रमोद को जानते भी नहीं थे ।

इससे मुझे कुछ शक होने लगा पर कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई । एक दिन जब शाम को घर आया तो पत्नी बोली उनने नया टी वी लिया है ( वो हमेशा प्रमोद को वो उनने जैसे संबोधन ही देती थी) मैंने यों ही पूँछा कि तुम्हें कैसे पता तो बोली बेटे ने बताया है। थोड़ी देर बाद जब बेटा खेल कर लौटा तो मैंने पूछा कि बेटा अंकल ने कौन सा टी वी लिया है तो बोला कि मुझे नहीं मालूम कि अंकल ने नया टी वी लिया है ।

मैं चुप रहा, लगभग एक सप्ताह बाद जब पत्नी प्रमोद के बारे में बात कर रही थी तो मैंने कहा कि तुमने उस दिन झूठ क्यों बोला था कि तुम्हें टी वी के बारे में बेटे ने बताया था तो वो सन्न रह गई । जब मैं ने जोर दिया तो बोलीं कि मैं उनके घर गई थी । मैं ने कहा कि मुझसे छिपा कर एक अकेले रहने वाले पराये मर्द के घर जाने की क्या वजह है तो बोली मैं उनको प्यार करती हूँ और जब आप आफिस और बच्चे स्कूल जाते हैं तो मैं रोज उनके घर जा कर घर की साफ-सफाई वगैरह सब काम करती हूँ और हमारे पति पत्नी जैसे संबंध हैं ।

मैं हक्का-बक्का रह गया, मैं एक उच्च शिक्षित एवं ऊंची जाति के परिवार से हूँ जहाँ स्त्री या पुरुष दोनों के विवाहेतर संबंधों के बारे में कभी सुना ही नहीं गया था ।

फिर मैंने पत्नी से कहा कि अगर प्रमोद शादी के लिए तैयार हो तो मैं तलाक देने के लिए तैयार हूँ । तो वो बोलीं कि नहीं हम शादी करने के लिए तैयार नहीं हैं पर हम अपने संबंध खत्म नहीं करेंगे । तुम्हें जो करना हो कर लो ।

मैं एक मिडिल क्लास आदमी हूँ जहाँ पत्नी के विवाहेतर संबंध पति के लिए अपमान जनक और मजाक का बिषय होते हैं और लोग खुले आम ऐसे पति को हिजड़ा कहते हैं । तो मैं चुप रहा, पर मेरी पत्नी चुप नहीं रही ।

उसने अगले ही कालोनी की सभी महिलाओं को रो रो कर सुनाया कि मैं प्रमोद को राखी बांधती हूँ ( झूठ) वो मेरे भाई जैसा है और मेरा नीच पति मुझ पर शक करता है और शराब पी कर मुझे मारता है । उस कालोनी में सभी मेरे विभाग के अधिकारी ही रहते थे और मेरा बास भी उसी कालोनी में रहता था उस की पत्नी को भी ए सब सुनाया ।

कुछ ही दिनों पूरे विभाग में यह बात फैल गई और मेरे प्रति सबका नजरिया बदल गया । यार दोस्त कटने लगे, आफिस में वेबजह प्रताड़ित किया जाने लगा । मेरी सीनियरटी को नज़र अंदाज़ कर मुझे गैर महत्वपूर्ण कार्य दे दिया गया । कुल मिलाकर घर और आफिस दोनों जगह चौबीसों घण्टे तनाव रहने लगा ।

बात यहीं नहीं रूकी, पत्नी ने अपने माता-पिता भाई बहनों के साथ साथ दूर दराज के रिश्ते दारों को भी फोन पर रो रोकर ए सब सुनाया । वहां भी अब मेरा सम्मान खत्म हो चुका था ।

…और मेरी पत्नी जानबूझकर मेरे सामने उसकी बातें करती और दोनों के शारीरिक संबंध तब तक जारी रहे जब तक प्रमोद की शादी नहीं हो गई । शादी के बाद उसने अपना ट्रांसफर करा लिया क्यों कि उसे लगता था कि पड़ोस मैं रहते हुए उसकी पत्नी को जरूर भनक लग जायेगी ।

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