लड़कियां बार-बार क्या गलतियां करती हैं?

लड़कियां बार-बार क्या गलतियां करती हैं?

एक शार्ट स्टोरी- यह स्टोरी किसी की रियल लाइफ से प्रेरित हो सकती है , पर नाम काल्पनिक है । इसका किसी से कोई सीधा संबंध नही है ।

“सॉरी माँ। मैं आपके और पापा के लिए बहुत कुछ करना चाहती थी, लेकिन नहीं कर पाई। ऐसा नही है कि मैं कर नही सकती थी या कमजोर हुं, लेकिन अब मुझसे नही हो पा रहा, मैं जा रही हूँ।”

12/04/16

“हेलो सर, मेरा नाम साक्षी अग्रवाल है” साक्षी ने बुलंद आवाज में कहा।

“हेलो साक्षी, बैठिये।”

“थैंक यू सर”

“अपने बारे में बताइये साक्षी”

“मेरा नाम साक्षी अग्रवाल है, मैने अपनी इंजिनीरिंग की पढ़ाई वेल्लोर इंस्टीटूट ऑफ टेक्नोलॉजी से की है, और अभी MBA कर रही हूं।”

“ये तो बहुत अच्छी बात है, आपके मार्कशीट से तो दिख रहा है कि आप एक होनहार छात्रा हैं।”

“थैंक यू सर”

“लेकिन एक सवाल है?”

“जी?”

“आप पढ़ाई के साथ साथ जॉब क्यूँ करना चाहती हैं?”

“एक्चुअली सर, मैं अपने पेरेंट्स को सपोर्ट करना चाहती हूं”

“आपको लगता है कि आप पढ़ाई के साथ साथ ये जॉब कर पाएंगी?”

“जरूर सर”

उसके बाद, कंपनी ने उसे जॉब के लिए चुन लिया, वो बहुत खुश थी कि कम से कम अपने माता पिता के लिए कुछ कर पा रही है।

2 दिन बाद उसने आफिस जॉइन किया, दिन बीतते गए, चीजें उसके लिए अच्छी होने लगी थीं।

25/05/2016

एक दिन वो रविश से मिली। वो एक अच्छा लड़का था, वो साक्षी के बगल वाले डेस्क पर ही बैठता था। उन दोनों की बातचीत शुरू हुई, और जल्दी ही अच्छे दोस्त बन गए।

लेकिन ये दोस्ती से ज्यादा था, और वो दोनों इस बात को जानते थे, इजहार किसी ने नही किया, सब चलता रहा। उन दोनों के बीच एक अपनापन से पनपने लगा था।

वो अब और देर नहीं कर सकते थे, आखिर वो दिन आ ही गया। रविश ने साक्षी को प्रोपोज़ कर दिया। साक्षी तो जैसे नौवें आसमान पर थी, वो तो बस चाहती थी कैसे कैसे हम दोनों साथ हों। बिना कोई वक़्त गंवाए उसने चुटकी में “हाँ” कह के गले लगा लिया।

अब उनकी रोमांटिक जिंदगी शुरू हो चुकी थी।

शॉपिंग मॉल, कैफ़े, मूवीज थेटर्स जैसी जगहों पर वो अक्सर एक दुसरे का हाथ थामे, एक ही कप में कॉफ़ी पीते दिख जाते थे। जैसे इनसे प्यारा कपल इस दुनिया मे दूसरा नही।

20/07/2016

रविश को एक सेमिनार के लिए विदेश जाना था, ये एक बहुत ही अच्छा मौका था जो रविश हाथ से जाने नही देना चाहता था। वो बहुत खुश था, मगर उदास भी था। उसके उदासी की वजह थी कि वो इतने दिनों साक्षी से दूर कैसे रहेगा। एक महीने, जो कि काफी ज्यादा वक्त होता है, अगर आप प्यार में हो तो।

09/08/2016

What mistakes do girls repeatedly?

रविश: “बेबी, प्लीज भेजो ना, मैं पक्का देखकर डिलीट कर दूंगा”

साक्षी: “ नो बेबी, आई कैन नॉट।”

रविश: “क्यूँ? तुम्हे मुझपे भरोसा नही है?

साक्षी: “वो बात नही है, मुझे शर्म आती है”

रविश: “ मुझसे क्या शर्माना, बेबी प्लीज भेजो ना, मैं देख कर डिलीट कर दूंगा”

साक्षी: “प्रॉमिस ना?”

रविश: “पक्का प्रॉमिस”

साक्षी: “ओके रुको भेजती हुं”

रविश: “ ओके”

साक्षी: “तुरंत देख कर डिलीट कर देना।”

रवीश: “ओके बेबी लव यू।”

साक्षी: “लव यू 2”

रविश ने उसकी फोटो देखकर 3 बार मास्टरबेट किया उस रात, और चैन से सो गया, लेकिन साक्षी को नींद नही आ रही थी, वो इस उधेड़बुन में थी कि उसने सही किया या गलत, वो रात काफी लंबी थी उसके लिए।

दूसरे दिन उसके आफिस की छुट्टी थी, अपने लैपटॉप पर मूवी देख कर छुट्टी बिता रही थी, अचानक उसका फ़ोन बजा।

साक्षी: हेलो

सोनाली: हेलो साक्षी।

साक्षी: हाँ बोलो।

सोनाली: ये क्या किया तुमने साक्षी?

साक्षी: क्या किया मैने?

सोनाली: मतलब यार तुम ये कैसे कर सकती हो?

साक्षी: क्या कह रही हो, मुझे समझ नही आ रहा, साफ साफ बताओगी?

सोनाली: नही बता सकती, में तुम्हे screenshot भेजती हूँ। खुद ही देख लो।

सोनाली ने फ़ोन डिसकनेक्ट करके उसे एक screenshot भेजा।

साक्षी ये देखकर टूट सी गई, उसे समझ नही आ रहा था वो क्या करे, उसने कभी सोचा भी नही था कि उसका भरोसा ऐसे टूटेगा, उसने थोड़ी हिम्मत से उसने खुद वो पेज खोलकर देखा, जहां सैकड़ो भद्दे भद्दे कमैंट्स लिखे गए थे उसके फ़ोटो पर। उसके आंसू रुकने का नाम नही ले रहे थे, लेकिन ये तो बस शुरुआत थी।

इसे सबको पता चलते ज्यादा देर नही लगी, वैसे भी किसी की बुराई की बात हो तो बातें आग की तरह फैलती हैं, जमाना ही ऐसा है, सबसे बड़ी बात तो ये थी कि, कंपनी ने उसे जॉब से निकाल दिया। समाज ने उसे नया नाम दे दिया, पड़ोसी उसके पेरेंट्स को ताने मारने लगे। उसको घर से बाहर निकलने में भी अब दर लगने लगा था। जिंदगी उसके लिए नरक सी हो गई थी।

19/03/2019

उसे लगा था कि उसे न्याय मिलेगा, लेकिन सारे एफर्ट उसके बर्बाद हो गए, साथ मे पैसे और वक़्त भी। रविश को जल्दी ही बेल मिल गया, उसके पोलिटिकल बैकग्राउंड की वजह से। और तो और उसे जान से मारने की धमकियां तो आम हो गई थीं। रविश ने सरेआम उसके सामने ये बात एक्सेप्ट की कि वो केवल उसका फायदा उठाना चाहता था, अपने सुख के लिए। उसकी जिंदगी सब सही चल रहा था।

और दूसरी तरफ, साक्षी टूट चुकी थी, वो कुछ भी नही कर पा रही थी, न तो जॉब न ही पढ़ाई और सबसे दुखद बात ये थी कि इसी बीच वो अपने बाप को दम तोड़ते देख चुकी थी।

3 साल हो गए थे, सब उसे उस वाक़ये की वजह से ही जानते थे।

वो असहाय, अविवाहित, बेकार अपने घर मे बैठे रोते रहती थी, की आखिर उसकी गलती क्या थी?

इतना लड़ने के बाद, खुद को समझाते आखिर उसने हार मान लिया और अपनी मां के लिए एक सुसाइड नोट लिख कर खुद को फांसी लगा लिया।

तो साक्षी की गलती क्या थी?

यही की उसने एक ऐसे व्यक्ति पर विश्वास किया, जो उस लायक था ही नही।

हाँ ये है, ये गलती है जो लड़कियाँ बार बार करती हैं, वो एक गलत इंसान पर भरोसा कर बैठती हैं, जो उस लायक होता ही नही, जो बाद में उनके पछतावे का कारण बनता है।

PS: “मैं ये नहीं कह रहा की लड़कियों को किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए, लेकिन उन लोगो को अपनी सीमा नहीं भूलनी चाहिए कि जहाँ, एक इंसान उनकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है।”

“Be smart, Be safe”

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