अगर पुत्र किसी लड़की के चक्कर में घर तक छोड़ देने को तैयार हो तो ऐसे में एक पिता को क्या करना चाहिए?

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आपने पूछा – अगर पुत्र किसी लड़की के चक्कर में घर तक छोड़ देने को तैयार हो तो ऐसे में एक पिता को क्या करना चाहिए?

( Question – what should a father do If a son is ready to leave home for a girl? )

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मेरे ख्याल से एक उम्र के बाद हर माँ बाप को यह चिंता ज़रूर सताती होगी, मैं कोशिश करूँगा कि आपके सवाल का जवाब दे पाऊँ।
उसके लिए आपको थोड़ा धैर्य रख कर मेरे जवाब को पढ़ना होगा।

मैं पहले आपको दो सच्ची घटनाएं बताऊंगा उसके बाद बताऊंगा कि दोनों में माँ बाप और बच्चों को क्या और क्या नहीं करना चाहिए था।

मेरे जानने वालों की एक लड़की थी। माँ बाप दोनों अच्छे सरकारी नौकरी में थे और बेटी भी बहुत पढ़ी लिखी, पीएचडी करने वाली थी और बस अपना करियर बहुत अच्छा बनाने से सिर्फ एक कदम दूर थी।

इस बीच वो एक लड़के के बहकावे में आ गयी। वो दोनों छुप छुप कर मिलने लगे और एक दिन अचानक लड़की मौका देख कर लड़के के साथ भाग गयी।

यकीन मानियेगा – माँ बाप का तो सारा संसार ही मानो खत्म हो गया। अपने पीछे एक चिठ्ठी छोड़ गयी जिसमे लिखा था कि मैं अपनी मर्ज़ी से भाग रही हूँ और जल्द ही शादी करके वापस आशीर्वाद लेने आऊंगी।

मैं उनके माँ बाप को बहुत करीब से जानता था और दोनों ने ३ दिन तक कुछ नहीं खाया पीया, उनको यकीन ही नहीं रहा था कि उनकी लड़की ऐसा कोई कदम उठा सकती है। उस दिन अंकल को मैंने फूट फूट कर रोते देखा।

अब लड़के का बैकग्राउंड सुन लीजिये – बारवीं में जैसे तैसे पास हुए, कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करते थे। बस इतना ही, आगे चलकर जॉब नहीं रहा तो घर पर पड़े रहते थे

लड़की प्राइवेट कॉलेज में पढ़ाती है। एक बच्ची है दोनों की, माँ बाप ने अपना लिया पर लड़के से वो कभी खुश नहीं रहे।

अब दूसरा किस्सा सुनाता हूँ,

एक मिलने वालों का लड़का था वो मेरे पास आया अपनी समस्या लेकर। उसने बताया कि उसे एक लड़की पसंद है, दोनों एक दूसरे को पसंद करते हैं और शादी करना चाहते हैं, पर घरवालों को बताने की हिम्मत नहीं हो रही है।

सबसे पहले तो मैंने दोनों को बुलाया और उनको एक बात समझायी कि – दोनों एक अच्छा जॉब लेकर सेटल हो।

दोनों ने मेरी बात मानी और लग गए तैयारी में, दोनों को शादी का इतना जूनून कि एक साल की मेहनत में दोनों ने बैंक पी.ओ. का एग्जाम निकल दिया। आप यकीन नहीं मानेंगे, इस बीच दोनों मुश्किल से १-२ बार मिले एक दूसरे से।

जब दोनों की नौकरी पक्की हो गयी, एक बराबर नौकरी हो गयी, उसके बाद मैंने दोनों के माँ बाप से एक साथ बात की और उनको सारी कहानी बताई। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि उनके बच्चे ऐसा कर सकते हैं। दोनों की हंसी खुशी माँ बाप ने शादी की और आज दोनों खुश हैं।

अब आते हैं आपके सवाल पर:

पहले वाली कहानी में लड़की अपनी पीएचडी करके एक बहुत अच्छा करियर बना सकती थी, वो आगे चल कर सरकारी प्रोफेसर भी लग सकती थी और भी अन्य परीक्षाएं देकर और भी अच्छे पद पर जा सकती थी, पर उसकी एक गलती से उसने सब पर पानी फेर दिया।

मैं लव मैरिज के खिलाफ नहीं हूँ, मैं बस “जल्दबाज़ी और बेवकूफी” के खिलाफ हूँ। उस समय “प्यार” के चक्कर में पड़ कर उसको अपना भला बुरा कुछ नहीं समझ आया और वो उस लड़के के बहकावे में चल दी, आज पछ्ता रही है।

लड़का और लड़की एक दूसरे के लिए नहीं बने – यह बात उसको आज समझ आयी है, पर अब तो शादी और बच्ची दोनों हो गयी।

लड़के में न बात करने की तमीज है, न कपड़े पहनने की, हो भी कहाँ से, सारा दिन घर पर पड़े रहने से कोई कुछ नहीं सीख सकता।

दूसरी वाली कहानी में लड़का और लड़की ने समझदारी दिखाई और पहले एक दूसरे को इस लायक बनाया कि माँ बाप के पास कोई वजह ही न हो उनके प्यार को ठुकराने की और हुआ भी वो ही।
जब बच्चे अच्छे से सेटल हैं तो माँ बाप क्या दुश्मन हैं जो उनको मन कर देंगे?

ज़्यादातर बच्चे यह सोचते हैं कि माँ बाप उनके रिश्ते को नहीं समझेंगे और वो “भाग जाना”, “घर छोड़ देना” जैसे कदम उठा लेते हैं।

मैं उन सब बच्चों से यही कहना चाहूंगा – माँ बाप आपके दुश्मन नहीं है, उल्टा वो ही आपके सबसे हितेषी हैं। माँ बाप को बेवकूफ न समझें, वो ज़्यादातर समय आपकी हर हरकत को जानते और देखते हैं, बस वो आपको बार बार टोकते नहीं है।

सबसे पहले अपने पैरों पर खड़े हो उसके बाद प्यार शादी के बारे में सोचें, बिना पैसों के प्यार ज़्यादा दिन नहीं टिकता

माँ बाप के साथ बातचीत बहुत ज़रूरी है। आप अगर किसी को पसंद करते हैं तो उनको बताएं, उनसे बात करें। अपने आप को फन्ने खान न समझें, कई बार माँ बाप पलक झपकते ही आपकी सालों की समस्या हल कर सकते हैं।

लड़की/लड़के के चक्कर में मुँह उठा कर घर से न भागे! माँ बाप की आँखों के तारे हैं आप, आपके इस कदम से उनका दिल टूट जाएगा।

आप जवानी के जोश में आकर आज तो भाग जाओगे पर जब कल भूख लगेगी तो क्या खाओगे?
याद रहे प्यार से पेट नहीं भरता, खाने से भरता है।
माँ बाप से मैं यह कहना चाहूंगा – आप अपने बच्चों से बात करें, खुल कर कर चर्चा करें। लोग अक्सर यही गलती करते हैं कि वो अपने बच्चों की बात न तो सुनते हैं और न ही सुनना चाहते हैं.
जहाँ आपको कठोर होना है वहां कठोर हो, बिलकुल हो पर इन सब में अपने बच्चे की आवाज़ को दबाएं नहीं, बल्कि उसे सुने।

अगर आप उसकी बात को बिना सुने ही अपना फैसला सुना देंगे तो यह उस पर एक गलत प्रभाव डालेगा।
इसी वजह से ज़्यादातर बच्चे अपने माँ बाप से चीज़ें छुपा कर रखते हैं।
अपने बच्चे को प्यार से समझाएं कि आगे का भविष्य सिर्फ प्यार से नहीं चलता है, पहले उसको उसके पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रोत्साहित्य करें और उसका मार्ग दर्शन करें।
बच्चे पर फ़िज़ूल का गुस्सा न दिखाए और न ही हाथ उठाएं.
किसी को पसंद करना गुनाह नहीं है, पर उस चक्कर में अपनी ज़िन्दगी बर्बाद करना गुनाह है।

आप सबसे पहले लायक बने, अपने पैरों पर खड़े हो , माँ बाप का नाम रोशन करें, उसके बाद अपने माँ बाप के आशीर्वाद से अच्छे से अपने “गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड” से शादी करें।
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अपना समय देकर पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद्

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